Friday, November 17, 2017

जम का लोक कैसा है ?

सत्यपुरुष सद्गुरु कबीर साहिब जी के पूर्णावतार बन्दीछोड़ गरीब दास साहिब जी अपनी पावन-पवित्र कल्याणकारी अमृतमयी वाणी में “जम का अंग” के अंतर्गत यमलोक का हाल वर्णन करते है | प्रत्येक प्राणी को अपने किये हुए कर्मो का शुभ-अशुभ फल अवश्य भुगतना पड़ता हैं विधि का ये विधान अटल है इसे कोई टाल नहीं सकता पाप कर्मो का फल यमलोक में जाकर भुगतना पड़ता हैं जो बड़ा ही भयंकर लोक है |

Sunday, November 5, 2017

300 साला अवतार महोत्सव @ भवानीपुर

हम सभी बड़े ही भाग्य वाले है जो हमे हमारे सतगुरु जी का 300वां अवतार दिवस मनाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। सतगुुरु जी ने हम सब जीवों पर यह बहुत बड़ी मैहर करी है। जैसा की आप सभी जानते है सतगुरु जी का 300 साला अवतार महोत्सव

Friday, November 3, 2017

सन् 1743 की कार्तिक पूर्णिमा

बंदीछोड़ गरीब दास साहिब जी अपनी पावन पवित्र कल्याणकारी अमृतमयी वाणी में फरमाते है कि:- 
गरीब, अठसठ तीर्थ जाइये, मेले बड़ा मिलाप।
पत्थर पानी पूजते, कोई साधु संत मिल जात।।
सतगुरु जी की यह लीला सन 1743 की कार्तिक मास की पूर्णिमा की है । आज से ठीक 274 वर्ष पूर्व की । एक बार की बात है कि छुड़ानी धाम से बहुत लोग गढ़ मुक्तेश्वर गंगा स्नान के लिए जा रहे थे | तब  बंदीछोड़ गरीब दास साहिब जी की माताश्री रानी जी भी कहने लगी कि “बेटा गरीबा मुझे भी गंगा स्नान के लिए ले चल”|  महाराज जी ने ऐसे ही 2-3 दिन आना-कानी करते हुए निकाल दिये तब माता जी ने फिर कहा कि  “बेटा मुझे 

Monday, October 30, 2017

मूल मंत्र ग्रन्थ

मूल मंत्र अर्थात् सार तत्व को अनुभव करने का मंत्र रूपी वाणी प्रारम्भ होती है।

निरंजन निरंजन निराकार भज रेताता न सीरा राता न पीरा।
धरौ ध्यान धीरारह्मा आप थिर रे ।।1।।
यह सत्गुरू गरीब दास साहिब जी की वाणी है। निरंजन जो इन आँखों से
देखने में नहीं आतामाया से रहितआकार से रहित, शुद्ध ब्रह्म है। हे जीव! तू
उसका ध्यान कर। वह पारब्रह्म न गर्म है न ठण्डा हैन लाल है न पीला है 

Sunday, October 29, 2017

108 श्री अखण्ड पाठ @ आलमगीर

बंदीछोड़ गरीबदास साहिब जी का 300वां अवतार दिवस गत 5 मई 2017 से सर्वोच्च गरीबदासीय पीठ श्री छतरी साहिब श्री छुड़ानी धाम से शुरू हुआ जो की 1 साल तक देश-विदेशों मे बड़ी धूम धाम के साथ मनाया जायेगा. इसी लड़ी मे बीते दिनों पंजाब प्रान्त के जिला लुधियाना मे आलमगीर कुटिया मे सतगुरु जी की वाणी के 108 श्री अखंड पाठों की पूर्णाहुति हुई.

दीवाली के शुभकामना सन्देश

परम धाम श्री छुडानी धाम से


Friday, October 27, 2017

सतगुरु महिमा

संसार में एक प्रभु ही सत्य है जो तीनों कालों भूतवर्तमान, भविष्य में
सत्य है और मौजूद है। वही सबका मालिक है। ऐसे सच्चे मालिक के भेद को पूर्ण
रूप से जानने वाले को वाणी में सतगुरु कहा गया है। बन्दीछोड़ गरीब दास महाराज
जी "सतगुरु" नाम की व्याख्या करते हुए वाणी उच्चारण करते हैं:-