Friday, November 2, 2018

श्री छुड़ानी धाम

गरीबदासीय भेख का सर्वोच्च धाम परम् धाम श्री छुड़ानी धाम प्राचीन काल से ही बड़ा पवित्र स्थल रहा है। यहाँ सत्पुरुष सतगुरु कबीर साहिब जी महाराज ने श्री श्री १००८ आचार्य गरीब दास जी महाराज के रूप में जन कल्याण के लिए अवतार लिया, जीवों के कल्याण के लिए पावन-पवित्र कल्याणकारी अमृतमई वाणी की रचना की | आचार्य गरीब दास साहिब जी ने ६१ वर्ष तक यहाँ रह कर जीवों का कल्याण किया और इसके बाद वि.सं.१८३५ भाद्रपद शुक्ल द्वितीय को आपने अपना तेजपुंज का शरीर त्याग कर यह लोक छोड़ कर अपने निज लोक सतलोक को वापिस चले गए। जिसके फलस्वरूप श्री छुड़ानी धाम विश्व पूज्नीय बन गया। 

Wednesday, August 1, 2018

पूज्य स्वामी जगदीश्वरानंद जी

हमारी गरीबदासीय संप्रदाय में अनेकों ही संत-महापुरुष हुए है। जिन्होंने समय समय पर अवतार लिया और सतगुरु बंदीछोड़ गरीबदास साहिब जी की वाणी का बड़े ही जोर-सोर से प्रचार किया । उन्ही संत महापुरुषों में से एक हुए स्वामी जगदीश्वरानंद जी । पूज्य स्वामी जगदीश्वरानंद जी का जन्म पंजाब प्रांत के जिला लुधियाना में गांव रकबा में हुआ ।

Tuesday, July 31, 2018

स्वामी गंगा नंद जी महाराज

धन धन स्वामी गंगा नंद जी महाराज जी का जन्म जिला होशियारपुर, पंजाब में गांव रत्तेवाल में पिता ईश्वरदास माता श्रीमती गंगा देवी जी की सुभागी कोख से 11 मई 1922 वैशाख की पूर्णिमा को हुआ।

Saturday, March 17, 2018

ब्रह्मलीन स्वामी ब्रह्मानंद जी

आज धन-धन स्वामी ब्रह्मानंद जी महाराज का 106 अवतार दिवस मनाया जा रहा है इसी संदर्भ में यह ब्लॉग:-
एक लंबी साधना के पश्चात संत का दर्जा उन महापुरुषों को मिलता है, जो समाज के लिए कुछ करके दिखाते हैं। समाज के हित में अध्यात्मिक अगुवाई के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में जो महाराज भूरीवाले संप्रदाय गुरु गद्दी के तीसरे रूप में ब्रह्मलीन स्वामी ब्रह्मानंद भूरीवालों ने किया ऐसा उदाहरण कम ही मिलता है।

Thursday, March 15, 2018

महिमा सतगुरु भूरीवालों की

एक बार रामगोपाल नाम का एक व्यक्ति था । जिसके लडके का नाम सोमनाथ था । एक दिन वह बच्चा अपनी हमउम्र के बच्चों के साथ खेल रहा था । तभी किसी बच्चे ने उसके पीछे से धक्का दे दिया और वह मुंह के बल गिर गया । गिरने से उसकी जीभ में दांत गढ़ गए, उसकी जीभ का एक तरफ का साथ रहा बाकी सारा कट गया । जीभ लटकने लग गई, खून से उसके कपड़े भीग गए । ऐसी हालत हो गई कि वह कुछ खा भी नहीं सकता था और ना ही कुछ बोल सकता था।

Thursday, January 11, 2018

अन्नदेव की छोटी आरती

बन्दीछोड़ गरीबदास जी ने अपनी अमृतमयी वाणी में समाज के प्रत्येक दृश्टिकोण को लेकर अपनी रचनाओं को सदुपदेश के रूप में प्रस्तुत किया है। हम हिन्दुस्तान के निवासी हैं। हमारी प्राचीन सभ्यता एवं संस्कृति में हमारे भोजन व खाद्य पदार्थोे में अनाज का स्थान सबसे ऊपर है। वैसे प्राचीन काल में मनुश्य (आदि मानव) ज्यादातर कच्चा-पक्का मांस व पेड़ों की छाल व पत्ते आदि खाकर अपनी उदरपूर्ति करता था।

सर्व लक्षणा ग्रन्थ

बन्दीछोड़ गरीबदास साहिब ने अपने वाणी ग्रन्थ में सर्व लक्षणा ग्रन्थ नामक शीर्षक से विशेष उपदेश की रचना की है। इसमें बन्दीछोड़ गरीबदास साहिब ने मनुश्य के उत्तम लक्षणों का विवरण देते हुए कुछ शिक्षाप्रद साखियां में कही हैं, जो कि ज्ञान, वैराग से भरपूर हैं। जिस जीव पर ईष्वर दया करे, उसे उत्तम लक्षण प्राप्त होते हैं। गरीबदास साहिब ने अपने अमूल्य वचन इस ग्रन्थ में कहे हैं. 
उत्तम कुल कर्तार दे, द्वादस भूषण संग। रूप द्रव्य दे दया कर, ज्ञान भजन सत्संग।। 
गरीबदास साहिब कहते हैं कि जिस जीव पर ईष्वर कृपा करे, उसका, उत्तम कुल अर्थात सत्संगी परिवार में जन्म होता है, धन पदार्थ की भी कमी नहीं होती। धर्म से सम्बन्ध